गर्लफ्रेंड को वैलेंटाइन पर चोदा

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नमस्कार मित्रों मेरा नाम अजय सक्सैना है मैं आज आपके सामने एक कहानी लेकर आया हूं। जो कि मेरे बचपन की है इस कहानी में आप पढ़िए कैसे मैंने अपने गर्लफ्रेंड की सेक्सी चुदाई की।


यह कहानी तब की है जब मैं अपनी पहली रिलेशनशिप में था। अब आपका ज्यादा समय न लेते हुए मै सीधे कहानी पर आता हूं।


मेरी प्रेमिका का नाम अंजली है, उसका रंग दूध सा साफ है। अंजली का फिगर भी मस्त है, जिसे देखकर किसी का भी लंड खडा हो जाए।


अंजली के ३२ बी साइज के चुचे एकदम कडक है, जिसे सब घूरते रहते है। अंजली चलते वक्त पीछे से उसकी ३४ की गांड एकदम मस्त मटकती है। अंजली की पतली कमर तो और भी सेक्सी थी, उसकी कमर को देखकर मुझे दिशा पताणी की याद आ जाती है।


मेरे कॉलेज में भले ही सबको हमारी रिलेशनशिप के बारे में पता है, लेकिन फिर भी मेरे पीठ पीछे सारे अंजली के बारे में सेक्सी बातें करते रहते है। और करेंगे भी कैसे नही, अंजली है ही इतनी कडक माल।


अंजली और मै पिछले छह महीने से एक साथ थे। हम दोनों ही एक दूसरे को सही से समझते थे, वो भी मेरा बहुत खयाल रखती थी। कुछ ही दिनों में वैलेंटाइन डे आने वाला था।


जैसे कि आप सब जानते हो, वैलेंटाइन डे मतलब आशिकों का त्यौहार होता है। हम दोनों ने वैलेंटाइन डे पर घूमने जाने का प्लान बनाया।


आखिर में हमने तय कीया कि, हम दोनों पास के कोई हिलस्टेशन चलते है। अब तक हम दोनों ने सेक्स के अलावा बाकी सब कर लिया था। और सेक्स करने की हमे कोई जल्दी भी नही था, या किसी के मन मे वैसा कोई खयाल भी नही था।


लेकिन उस दिन हम दोनों के बीच सब कुछ हो गया। तो हम दोनों ही तय समय पर सुबह सुबह एकसाथ हिलस्टेशन के लिए निकले।


दिनभर हम दोनों घूमते रहे, आसपास की सारी जगह देखने के बाद रात को हमे खाना खाकर वापस घर के लिए निकलना था। हम दोनों खाना खाने के लिए एक रेस्टोरेंट में गए।


वहां से खाना खाकर निकलने में हमे देर हो गई, और इसी बीच हमारी गाडी भी छूट गई। हमने दूसरी कोई गाड़ी के लिए देखा, लेकिन उस समय और कोई भी गाडी नही मिली।


आखिरकार हम दोनों ने वह रात किसी होटल में गुजारने की ठान ली। और ऑनलाइन ही एक अच्छे होटल में एक कमरा बुक कर लिया। फिर वहां से हम सीधे होटल में चले गए।


दिनभर घूमने की वजह से हम दोनों ही काफी थक चुके थे। कमरे में घुसते ही मै तो सीधे जाकर बिस्तर पर लेट गया। अंजली बाथरूम में जाकर फ्रेश होने लगी, वापस आकर उसने मुझे भी फ्रेश होने के लिए कहा।


लेकिन मेरे आलस की वजह से मैने उसे मना कर दिया तो वो कहने लगी, “तुम्हारे लिए आज एक सरप्राइज है, जल्दी से फ्रेश होकर आ जाओ।”


उसकी बात सुनकर मै भी फ्रेश होने के लिए बाथरूम में घुस गया। जल्दी से फ्रेश होकर बाहर आया, तो मै बस अंजली को देखता ही रह गया। अंजली ने एक सेक्सी सी ट्रांसपरेंट नाइटी पहनी थी।


उसके नाइटी के ऊपर से ही उसकी ब्रा और पैंटी का पता चल रहा था। आज शायद अंजली के मन मे कुछ और ही चल रहा था, तभी वो इतनी हॉट बनकर बिस्तर पर मेरे आने का इंतजार कर रही थी।


उसे देखकर मै वहीं रुककर उसे देखने लगा था। तो अंजली ने मुझसे कहा, “अब पास भी आओगे, या वहीं से खडे खडे देखते रहोगे।”


तब जाकर मै उसके पास जाकर बिस्तर पर बैठ गया। मैने बिना कुछ बोले सीधा अंजली के होठों पर अपने होंठ रख दिए, और उसे बेतहाशा चूमने लगा।


लेकिन थोडी ही देर में उसने मुझे खुद से अलग करते हुए कहा, “थोडा तो सब्र करो मेरे राजा, आज यह अंजली पूरी की पूरी तुम्हारी है।”


इतना बोलकर उसने मुझे अपने और पास खींच लिया। हम दोनों ही अभी बिस्तर पर बैठे हुए थे, अंजली मेरे सामने बैठे हुए मेरे सीने पर अपना सर रखी हुई थी।


मैने अपने दोनों हाथ उसके बगल से ले जाकर उसके सीने पर रख दिए थे। वो भी आज मेरी किसी बात का विरोध नही कर रही थी। तभी मैने धीरे से अपना एक हाथ अंजली के चूची पर रख दिया और उसे हल्के से सहलाने लगा।


आज तो अंजली भी मस्त मूड में थी। उसने भी तुरंत पीछे अपना हाथ लाकर मेरे सीने पर घुमाना शुरू कर दिया। उसकी इस हरकत को देखकर तो मैने और बेशर्म बनते हुए अपने दोनों हाथ उसकी चुचियों पर रख दिए और उन्हें मसलते हुए मसाज देने लगा।


मेरे चुचियां मसलने की वजह से बीच बीच मे अंजली के मुंह से आह निकल जाती। कुछ देर ऐसे ही बैठे बैठे उसकी चुचियां मसलने के बाद, मैने अंजली को वहीं बिस्तर पर लिटा दिया।


खुद जाकर उसके बगल में लेट गया। अब तक मैं उसकी चुचियों को कपडों के ऊपर से ही मसल रहा था, लेकिन अब मैने उसकी नाइटी निकालने की सोची।


मै उसकी नाइटी निकाल ही रह था, तो उसने भी अपने बदन को हल्का सा ऊपर उठाते हुए मेरी सहायता की। उसकी नाइटी को निकालने के बाद मैने भी अपनी शर्ट और पैंट निकाल दी।


अब मै सिर्फ अपनी चड्डी पहने हुए था। अब तक उसके दूध मसलने की वजह से मेरी चड्डी में लंड का साफ पता चल रहा था। मेरे पैंट उतारते ही अंजली की नजर मेरे लंड पर चली गई।


वो बिना अपनी पलके झपकाए मेरे लंड को घूरने लगी थी। तो मैने उसके पास जाकर उसका हाथ लेकर अपने लंड पर रख दिया। पहली बार तो उसने झट से अपना हाथ वहां से हटा लिया, लेकिन दूसरी बार वहीं रहने दिया।


अब मैने भी उसकी ब्रा को निकालकर उसके चुचियों को आजाद कर दिया। उसकी चुचियां क्या मस्त थी, और उसके हल्के भूरे रंग के निप्पल। उन्हें देखकर मेरा उसे खा जाने का मन किया।


तो मैने उसके एक दूध को अपने हाथ से मसलते हुए दूसरे को अपने मुंह मे भर लिया। अब वो भी मस्त होकर मेरे लंड को सहला रही थी।


कुछ देर उसकी चुचियां चूसने के बाद, मैने धीरे से अपना एक हाथ ले जाकर उसकी चुत के ऊपर रख दिया, और उसके चुत के दाने को ढूंढने लगा। अब तक हम दोनों पर ही हवस हावी हो चुकी थी।


कुछ देर उसकी चुत रगडने के बाद, उसने मेरी चड्डी के अंदर हाथ डालकर मेरे लंड को बाहर निकाल लिया। उसकी इस हरकत को देखकर मैने भी उसकी पैंटी को निकाल दिया, और सीधे उसके ऊपर आ गया।


अब हम दोनों में से कोई भी बात नही कर रहा था। मैने बस एक बार उनकी आंखों में देखते हुए उनके होंठ चुम लिए, और फिर अपने लंड को पकडकर उसकी चुत पर रख दिया।


लंड को उसकी चुत पर रखते ही उसने नीचे से अपनी कमर उठाकर धक्का मारा, लेकिन मेरा लंड फिसलकर बाहर आ गया।


तो मैने फिर से अपने लौडे को उसकी चुत के द्वार पर रख दिया और एक हल्का सा धक्का लगाते ही मेरे लंड का टोपा उसकी चुत के अंदर था। यह हम दोनों का पहली बार था, तो लंड अंदर जाते ही दोनों को ही थोडा दर्द हुआ, लेकिन कुछ देर रुकने के बाद, दर्द कम हो गया।


मैने और एक धक्का लगाकर अपने आधे लंड को उसकी चुत में उतार दिया, तब जाकर उसकी झिल्ली फट गई। उसकी झिल्ली फटते ही, वो जोर से चिल्लाने को हुई लेकिन मैने उसका मुंह बंद कर दिया।


कुछ देर उसकी चुचियां सहलाकर उसका ध्यान दर्द से हटा दिया और फिर से मैने अब अपना काम चालू कर दिया। उसे कुछ देर तक दर्द हुआ, लेकिन उसके बाद तो वो भी अपनी कमर हिलाकर मजे से चुदवा रही थी।


कुछ देर धकमपेल चुदाई करने के बाद, हम दोनों ही निढाल होकर एक दूसरे के आगोश में पडे रहे। कुछ देर आराम करने के बाद, अंजली का फिर से मन करने लगा था।


तो हमारे बीच चुदाई का एक और दौर चला, जो पहली चुदाई से थोडा और मजेदार था। दोनों ही बार मैने अपना माल उसकी चुत के अंदर ही छोड दिया। और फिर हम दोनों एक-दूसरे के आगोश में ही सो गए।


अगले दिन निकलने से पहले मैने उसे कुछ दवाइयां दी, जिससे गर्भ ना ठहरे। और फिर तो हमे जब भी मौका मिलता, हम दोनों चुदाई करते।


आपको मेरी कहानी कैसी लगी, यह हमें कमेंट करके जरूर बताइए। धन्यवाद।

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